यूसिल कार्पोरेट सामाजिक दायित्व निभाने में विफल- डॉ. सुशील अग्रवाल
जादूगोड़ा : यूसिल के खिलाफ गुरुवार को जादूगोड़ा के स्थानीय व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा और वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर अपने आक्रोश का इजहार किया। नाराज़गी इस बात को लेकर है कि यूसिल के 70 साल के सफर पूरा करने के बाद भी जादूगोड़ा मुख्य सड़क पर एक अदद स्ट्रीट लाइट तक नहीं है। बिना दवा का यूसिल अस्पताल बन गया है। ग्रामीण चिकित्सा सुविधा के तहत आसपास के ग्रामीणों को मिल रही मेडिकल सुविधा वर्षी से ठप्प पड़ी हुई है। क्षेत्र में करोड़ों खर्चे के बाद भी कंपनी से सटे गांव में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। लोगों को निकलने के लिए टूटी सड़के है। यूसिल अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टर तक नहीं है। क्षेत्र की एकमात्र मुक्ति धाम में गंदगी का ढेर है। यूसिल सफाई तक नहीं कराती जिससे क्षेत्र में महामारी फैलने का खतरा बने रहता है। बताया गया है कि कंपनी ओर से चौक-चौराहों पर शौचालय तक नहीं है जिससे राहगीरों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने बताया कि यूसिल प्रबंधन के द्वारा जादूगोड़ा क्षेत्र में पीने का शुद्ध पानी, साफ सफाई की व्यवस्था को लेकर कई बार यूसिल प्रबंधन से मांग भी किया गया। लेकिन इसके बावजूद भी प्रबंधन के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे यह आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि जल्द ही इसको लेकर बृहद आंदोलन चलाया जाएगा। इस विरोध-प्रदर्शन में डॉ. सुशील अग्रवाल, विक्रम सिंह, बबलू गुप्ता, धर्मेंद्र भगत, शांतनु हालदार, निमाई दास, अनिल अग्रवाल, आशीष राणा, जयप्रकाश लोधा, सुरेश प्रसाद समेत भारी संख्या में व्यापारियों ने भाग लिया।





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