धनबाद: खोरठा भाषा, साहित्य और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से आगामी रविवार, 10 मई को श्री पार्श्वनाथ अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय सह जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा केंद्र विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय धनबाद के संयुक्त तत्वाधान में ‘अंतर्राष्ट्रीय खोरठा महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन झारखंड में खोरठा भाषा व साहित्य प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर होगा, जिसमें झारखंड के धनबाद सहित कई अन्य जिलों और राज्यों के प्रख्यात साहित्यकार और कलाकार अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस भव्य आयोजन में शिक्षा जगत और साहित्य जगत के कई दिग्गज शिरकत करेंगे। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बि.बि महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के कुलपति सह वरीय प्रो. डॉ. राम कुमार सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वरीय साहित्यकार खोरठा भाषा, रांची डॉ. बीएन ओहदार, श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय रांची के विभागाध्यक्ष खोरठा भाषा डॉ. विनोद कुमार, सहायक प्राध्यापक खोरठा भाषा, रांची विश्वविद्यालय डॉ.दिनेश दिनमणि, खोरठा साहित्यकार एवं गीतकार, झारखंड सरकार से सम्मानित विनय तिवारी, अति विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. मुकुंद रविदास (विभागाध्यक्ष, हिंदी विभाग, कोयलांचल विश्वविद्यालय), प्रधानाचार्य, रांची विश्वविद्यालय के अलावा कई अन्य गणमान्य अतिथि और साहित्य प्रेमी शोभा बढ़ाएंगे।
महोत्सव का विजन:-
कार्यक्रम के संस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं युवा कवि सुरेश कुमार वर्मा ने इस महोत्सव की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए कहा कि "हमारी संस्था का संकल्प है कि इस महोत्सव को हर जिले में आयोजित किया जाए। धनबाद इसकी शुरुआत है। इसका अंतिम लक्ष्य गिरिडीह में मुख्य महोत्सव का आयोजन करना है, जहाँ देश-विदेश के साहित्यकार और कलाकार एक मंच पर जुटेंगे। इसी भव्यता और उद्देश्य के कारण इसे ‘अंतर्राष्ट्रीय खोरठा महोत्सव’ का नाम दिया गया है।" इस आयोजन के सह-संस्थापक कवि विशाल पंडित ने बताया कि यह मंच नई पीढ़ी के लेखकों को प्रोत्साहित करने और पुरानी पीढ़ी के साहित्यकारों को सम्मान देने का एक बेहतरीन माध्यम बनेगा। धनबाद संस्करण की संयोजिका शिक्षिका एवं कवयित्री पूर्णिमा सुमन ने धनबाद वासियों और साहित्य प्रेमियों से अपील की है कि वे इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अपना भरपूर सहयोग और समर्थन प्रदान करें। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी माटी की भाषा खोरठा को समृद्ध करने का एक सामूहिक प्रयास है। इस महोत्सव में काव्य पाठ, खोरठा साहित्य पर चर्चा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगी।





टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें