जमशेदपुर : अल्पसंख्यक माध्यमिक शिक्षक संघ, पूर्वी सिंहभूम के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री सह शिक्षा मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा गया। इस मौके पर संघ के जिला अध्यक्ष शशिभूषण दूबे ने बताया कि जिले में अवस्थित 18 अल्पसंख्यक उच्च विद्यालयों में विभिन्न स्तर की समस्याएं लंबित है जिसमें नव नियुक्त शिक्षकों का अनुमोदन निदेशालय स्तर से लगभग दो वर्षों से लंबित है अनुमोदन की निर्णायक बैठक न होने के कारण शिक्षक का अनुमोदन अभी तक नहीं हुआ है एवं वे विद्यालय में योगदान नहीं दे पा रहे हैं जिससे विद्यालयों में शिक्षकों के अभाव में पठन- पाठन बाधित हो रहा है। इससे नवनियुक्त शिक्षकों में असंतोष एवं भविष्य के प्रति अनिश्चिता की स्थिति बनी हुई है। विदित है कि अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति प्रबंध समिति करती है और अनुमोदन के बाद उनका वेतनादि का भुगतान सरकार द्वारा होता है। प्रबंधन शिक्षकों की नियुक्ति की है लेकिन अनुमोदन के अभाव में यह नव नियुक्त शिक्षा वेतन और योगदान से वंचित है। साथ ही, विभिन्न मदों में शिक्षकों की कई लंबित समस्याएं जैसे बकाया वेतन आदि का भुगतान नहीं हो पाया है। सरकारी विद्यालयों को उत्क्रमित कर प्लस टू की मान्यता दी गई, लेकिन अभी तक झारखंड के अल्पसंख्यक उच्च विद्यालयों को प्लस टू में उत्क्रमित नहीं किया गया है। अपने अधीनस्थ अल्पसंख्यक शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना से आच्छादित करने का मांग भी उल्लेखित किया है जो कि सरकारी विद्यालयों के कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों को सरकार द्वारा पहले ही उपलब्ध करा दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल में झारखंड अल्पसंख्यक माध्यमिक शिक्षक संघ जिला इकाई पूर्वी सिंहभूम के अध्यक्ष शशि भूषण दुबे, सचिव नागेश्वर प्रसाद, उपाध्यक्ष पलविंदर सिंह, कोषाध्यक्ष रंजीत कौर गिल, राज्य कार्यकारिणी सदस्य रेशमा जबीन एवं विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित थे।





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