गम्हरिया : सिंहभूम जिला संतमत सत्संग समिति जमशेदपुर के 34वें वार्षिक अधिवेशन के अवसर पर सातवाहिनी के धीरजगंज स्थित संतमत सत्संग आश्रम में आयोजित दो दिवसीय सत्संग का मंगलवार को समापन हुआ। इस अवसर पर सिद्धपीठ कुप्पाघाट, भागलपुर से स्वामी प्रमोद जी महाराज को आमंत्रित किया गया था। उन्होंने मानव जीवन की कथा से भक्तों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन बहुत ही अनमोल है। यह बड़े भाग्य से मिलता है। कहा कि एक मात्र मानव जीवन ही एक ऐसी योनि है, जिसमें प्राणी मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि मानव जैसा कर्म करता है वैसा ही उसको फल भोगना पड़ता है। बुरे कर्म करने वाला प्राणी मृत्यु के उपरांत वापस 84 लाख योनियों में चला जाता है। अच्छे कर्म करने वाले प्राणी को एक बार फिर से मानव योनि की प्राप्ति होती है। जो प्राणी सद्कर्म करते हुए सत्संग, योग, यज्ञ, दान, ध्यान करते हैं, उनका संसार में कल्याण होता है। इस दौरान स्वामी निर्मलानंद बाबा, स्वामी परमानंद बाबा समेत कई संत भी मंच पर बिराजमान थे। इस मौके पर भजनों की प्रस्तुति भी की गई। इससे पूर्व प्रातःकाल में ईश स्तुति, संत व गुरु स्तुति आदि के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। तत्पश्चात, सत्संग योग से वेद मंत्र, महोपनिषद, संत कबीर, महर्षि मेही परमहंस जी महाराज का भजन पाठ किया गया। उसके बाद रामचरित मानस सार सटीक से उत्तरकांड पाठ किया गया। इस सत्संग में गम्हरिया , आदित्यपुर समेत दूरदराज के क्षेत्रों से काफी संख्या में भक्त श्रद्धालु शामिल हुए। प्रसाद वितरण व भव्य भंडारा के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके आयोजन में समिति के अध्यक्ष कमलेश शर्मा, मंत्री रमण कुमार लाभ, राम किशोर शर्मा, मुरलीधर केडिया, उमेश सिंह, सुनील चौरसिया, भूदेव शर्मा समेत सभी सदस्यों की भूमिका रही।





टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें