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सरायकेला के नव पदस्थापित एसडीपीओ ने आदित्यपुर थाना के रूटीन कार्यों का किया निरीक्षण The newly appointed SDPO of Seraikela inspected the routine work of Adityapur police station

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सरायकेला के नव पदस्थापित एसडीपीओ ने आदित्यपुर थाना के रूटीन कार्यों का किया निरीक्षण The newly appointed SDPO of Seraikela inspected the routine work of Adityapur police station


●कहा- बातें तो बहुत हुई अब काम करके दिखाऊंगा
आदित्यपुर : सरायकेला एसडीपीओ का पदभार संभालने के बाद दिलीप खलको गुरुवार को आदित्यपुर थाना पहुंच कर थाना के रूटीन कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान बातें तो काफी होती है। पर मुझे काम करके दिखाना है। दरअसल ऐसा उन्होंने क्षेत्र में ब्राउन शुगर के बढ़ते प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा। श्री खलको ने बताया कि हर अधिकारियों का काम करने का अलग तरीका होता है, इसी से वे जाने जाते हैं। मैने अभी पदभार ग्रहण किया है, मेरे काम करने का तरीका जल्द ही आपको दिखेगा। कहा कि ब्राउन शुगर के कारण युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। इस पर वरीय पदाधिकारियों का सख्त निर्देश प्राप्त है। दोषियों को चिन्हित कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो उनके खिलाफ सीसीए भी लगाई जाएग। पूर्व से जो ब्राउन शुगर के कारोबार में संलिप्त रहे हैं, उनके गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। गुंडा पंजी में उनका नाम दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एंटी ड्रग स्क्वाड को अपनी निगरानी में हैंडलिंग कर इसे जड़ से मिटाना मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी। कहा कि खरसावां एवं कुचाई को लेकर भी विशेष कार्य योजना तैयार की जा रही है। आने वाले कुछ दिनों में इसके व्यापक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने जनता से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा भी की है। साथ ही, भरोसा दिलाया है कि किसी भी समस्या के लिए 24 घंटे उनसे संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि उनसे मिलने के लिए किसी मेडिएटर या दलाल की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पीड़ित सीधे उनसे संवाद कर सकते हैं। हर हाल में समस्या का समाधान मिलेगा। गौरतलब है कि आदित्यपुर थाना क्षेत्र ब्राउन शुगर का गढ़ माना जाता है। यहां खासकर मुस्लिम मुस्लिम बस्ती से अबतक कई कारोबारी पूर्व में गिरफ्तार भी हो चुके हैं। इसके बावजूद चोरी छुपे यह धंधा लगातार जारी है। इस मुद्दे को लेकर दैनिक जागरण की ओर से लगातार अभियान भी चलाया गया था। उसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और कई ड्रग पैग़लर को जेल के सलाखों के पीछे भी भेजा। बावजूद इसके यह धंधा जारी है। बताया जाता है कि इन ड्रग व्यवसायियों का तार झारखंड के बाहर के व्यवसायियों से भी जुड़ा गया जिस कारण यह पनप रहा है।

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THE LIVE BHARAT पर प्रकाशित

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